Photo gallery

मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर
लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया

 

सभी साथियों के अपार स्नेह और सहयोग के लिए ह्रदय के अंतिम छोर से धन्यवाद।
आपका प्रेम सहयोग , मुझे संघर्ष करने की ऊर्जा प्रदान करता है।
– कामरान असद